हजारीबाग में नकली पनीर पर जिला प्रशासन का बड़ा शिकंजा, 4000 किलो पनीर जब्त
हजारीबाग: जिला प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाते हुए हजारीबाग जिले में 4000 किलो नकली पनीर की बड़ी खेप जब्त कर ली। यह अब तक की सबसे बड़ी जब्ती मानी जा रही है। प्रशासन को जानकारी मिली थी कि यह नकली पनीर बिहार के बख्तियारपुर और मनेर से हजारीबाग पहुंचा था और इसे रांची, हजारीबाग तथा रामगढ़ के बाजारों में सप्लाई किया जाना था।
औचक निरीक्षण और जांच
जिला प्रशासन, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, कोर्रा थाना और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात तक चले ऑपरेशन के बाद नकली पनीर जब्त किया। जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि यह कारोबार एक संगठित गिरोह द्वारा संचालित हो रहा है, जो नकली पनीर को आधे दाम पर दुकानों में सप्लाई करता था। प्रशासन ने इस गिरोह से जुड़े लोगों की पहचान के लिए सघन जांच शुरू कर दी है। जिन दो बसों से नकली पनीर बरामद हुआ, उनके मालिकों को नोटिस जारी किया गया है।
स्वास्थ्य पर खतरा
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, नकली पनीर में अक्सर यूरिया, डिटर्जेंट और सल्फ्यूरिक एसिड जैसी हानिकारक चीजें मिलाई जाती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। ऐसे पनीर के सेवन से पेट दर्द, उल्टी, दस्त और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध खाद्य उत्पादों के बारे में तुरंत प्रशासन को सूचित करें। जिला प्रशासन का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी ताकि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अगला कदम
प्रशासन अब हजारीबाग के छोटे और बड़े होटलों में औचक निरीक्षण करने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान के जरिए नकली पनीर के कारोबार में लिप्त सभी लोगों को चिन्हित किया जाएगा।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसी और विश्वसनीय दुकानों से ही पनीर और अन्य खाद्य सामग्री खरीदें। नकली खाद्य पदार्थों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है।










