आज रंका में रथयात्रा, तैयारी पूरी

रंका में 286वीं रथयात्रा शुक्रवार को, तैयारी पूरी

गढ़वा रंका न्यूज:- गढ़वा के रंका में रथयात्रा की परंपरा बेहद प्राचीन है। हर साल यहां भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की रथयात्रा भव्य रूप से निकाली जाती है। इस वर्ष शुक्रवार को रंका की ऐतिहासिक रथयात्रा का आयोजन होगा, जिसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

धार्मिक मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचना बड़ा पुण्य का कार्य माना जाता है। यही वजह है कि रंका ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु रथ की रस्सी खींचने पहुंचते हैं। रथयात्रा के अवसर पर रंका में श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है।

राजा कुमार गोवर्धन प्रसाद सिंह के अनुसार, रंका में रथयात्रा की यह परंपरा करीब 285 वर्ष पुरानी है, और इस बार यह 286वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। इस आयोजन को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह है।

परंपरा के मुताबिक 14 दिनों के एकांतवास के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को स्नान यात्रा के बाद दर्शन के लिए निकाला जाता है। जैसे ही विशेष पूजा-अर्चना के बाद रथ यात्रा शुरू होती है, श्रद्धालु उमड़ पड़ते हैं और रथ की रस्सी खींचकर भाग्यशाली होने का सौभाग्य प्राप्त करते हैं।

रथयात्रा के दौरान स्थानीय पुलिस द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। परंपरा के मुताबिक भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा आठ दिनों तक अपनी मौसी के घर रहते हैं, जिसे ‘घुरती रथयात्रा’ कहा जाता है। भगवान के मौसी के घर को भी विशेष रूप से सजाया गया है, जहां 108 दीप जलाकर और 56 प्रकार के भोग अर्पित कर आरती की जाएगी।

रथयात्रा को सफल बनाने में कुमार गुलाब सिंह, कुमार गौरव सिंह, सुनील कुमार सिंह, दिलीप कुमार सिंह, शिक्षक धीरज सिंह और रविशंकर सिंह सहित कई लोग सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।